3.) आने वाले समय की अर्धाली पर ऋषि परम्परा की पुनः स्थापना एवं उनके द्वारा बताए गए तरीकों से आज के उच्च शिक्षा प्राप्त सामाजिक ब्यवस्था को अब्यवस्थित करते जन प्राणियों को उपयुक्त सलाह देना या दिशानिर्देश करना।

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